• Ratan Roy

परमेश्वर मनुष्य बनकर इस पृथ्वी पर लोगों के साथ रहने आए थे।

Updated: Aug 11



आज से 2000 साल पहले परमेश्वर स्वर्ग छोड़कर इस पृथ्वी पर एक कुंवारी स्त्री से पवित्रआत्मा के द्वारा पैदा हुआ किसी मनुष्य के द्वारा नहीं। जब वह पैदा हुए तो उनका नाम यीशु रखा गया जिसका अर्थ है लोगों को उनके पापों से उद्धार करने वाला। उद्धार का अर्थ है: पापों से बचाने वाला या मुक्ति देने वाला या छुटकारा देने वाला। उसका एक और नाम रखा गया इम्मानुएल जिसका अर्थ है परमेश्वर हमारे साथ क्योंकि परमेश्वर मनुष्य बनकर इस पृथ्वी पर लोगों के साथ रहने आए थे। परमेश्वर का नाम उनका

चरित्र से जुड़ा होता है। जब यीशु जो परमेश्वर था 30 वर्ष का हुआ उस समय से उसने स्वर्ग राज्य के बारे में प्रचार शुरू कर दिया। यीशु स्वर्ग से आए थे और उसने प्रचार किया कि इस पृथ्वी के लोगों को स्वर्ग जाने के लिए क्या करना पड़ेगा ? यीशु ने कहा अपने पापों को छोड़ दो क्योंकी स्वर्ग का राज्य नजदीक आ गया है। पाप ने ही मनुष्य को परमेश्वर से अलग कर दिया। परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप और समानता में बनाया और पाप ने ही मनुष्य के स्वरूप और समानता को शैतान के समान बना डाला। परमेश्वर आपसे प्रेम करता है और आपको पापों से बचाना चाहता है ताकि आप परमेश्वर की संतान बन सके। इसलिए परमेश्वर ने यीशु मसीह को आपके पापों के लिये बलिदान होने के लिए स्वर्ग से भेजा ताकि मनुष्य का स्वरूप फिर से परमेश्वर जैसा हो। परमेश्वर आपसे प्रेम करता है आपके पाप से नही क्योंकि पाप की मजदूरी मौत है। इन बातों के बाद उसने कहा जितने लोग यीशु मसीह पर विश्वास करेंगे यीशु उन्हें परमेश्वर की संतान होने का अधिकार देंगे। बहुत सी और बातों के द्वारा यीशु मसीह ने लोगों को समझाया सिखाया उपदेश व शिक्षा दी और यीशु ने मात्र उपदेश ही नहीं दिया बल्कि लोगों की हर प्रकार की बीमारी और कमजोरी को भी दूर किया इस प्रकार बहुत लोग बीमारों को और दुखों से जकड़े हुए और दुष्टआत्माओं से परेशान लोगों को यीशु के पास लाने लगे और यीशु ने उन्हें छुटकारा दिया। वह इसलिए भी आए थे कि लोग परमेश्वर को जाने की वह कौन है ? आज भी लोग यीशु के नाम से चंगे होते हैं छुटकारा पाते हैं शांति पाते हैं और उद्धार पाते हैं। अब बाइबल बताती है कि पाप की मजदूरी या कीमत या परिणाम मृत्यु हैं। इस पृथ्वी में हर चीज की कीमत होती है वैसे ही आप जान ले की पाप की कीमत मौत है। जैसा कि आप जानते हैं कि कोई भी व्यक्ति हत्या करें तो उस देश का कानून उसे मौत की सजा देता है वैसे ही बाइबल भी कहती है पाप की कीमत मौत है इसलिए परमेश्वर स्वर्ग छोड़कर पृथ्वी पर इंसान बनकर आया जिसका नाम था यीशु मसीह वह पृथ्वी के सारे लोगों के पापों की सजा अपने ऊपर लेकर बलिदान होने आया था ना कि पापियों को मारने बल्कि वह खुद उनके लिए मरने आया था। प्रभु यीशु मसीह सारे जगत के लोगों के पापों का प्रायश्चित है। लोगों के अच्छे काम या धर्म कर्म उन्हें बचा नहीं सकता। बहुत से लोगों ने यीशु मसीह पर और उनके कामों पर विश्वास नहीं किया विशेषकर उस समय के धर्मगुरुओं ने और उन्होंने अपने लाभ के लिए तथा ईर्ष्या के कारण झूठा आरोप लगाकर उन्हें प्रताड़ित और कई प्रकार से यातनाएं देकर उन्हें निर्दयतापूर्वक क्रूस पर चढा दिया गया। उनके क्रूस पर मरने के बाद उनके चेलों ने उन्हें कब्र पर रख दिया गया और उनके कब्र में रखने के तीसरे दिन वह मुर्दे में से जी उठे। उनके जी उठने के विषय में उन्होंने कई बार भविष्यवाणी की थी। उनके मरे हुओं में से जी उठना सबूत हैं उनका परमेश्वरीय स्वभाव। इस रीति से यीशु ने इस पृथ्वी के लोगों के पापो के लिए अपनी जान दे दी यदि आज अभी आप यीशु मसीह पर विश्वास करते हैं कि वह आपके पापों के लिए मारा गया और आपको धर्मी बनाने के लिए तीसरे दिन जी उठा तो आप निश्चय परमेश्वर की संतान बनेंगे और पापों से क्षमा पाएंगे और नया जीवन व नया मन व नया आत्मा पाएंगे। यदि आप भी यीशु मसीह पर विश्वास नहीं करते तो एक मौका अपने जीवन में यीशु मसीह को दीजिए। आपका जीवन बदल जायेगा।


यदि आप प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास करना चाहते हैं तो इस प्रार्थना को कीजिये।


हे प्रभु यीशु, मैं पापी हूँ मेरे पापों को क्षमा कर मैं अपने पूरे मन से विश्वास करता हूँ कि हे प्रभु तू मेरे पापो के लिए मारा गया और तुझे गाड़ा गया।

हे प्रभु मैं विश्वास करता हूँ कि तूने मेरे पापों को क्षमा किया है और मुझे नया जीवन दिया है।

धन्यवाद प्रभु मुझे क्षमा करने के लिए।


बाइबल कहता है कि जिसने प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास किया है अब वह परमेश्वर की संतान है।

नई सृष्टि हैं।

स्वर्ग का वारिस हैं।

परमेश्वर का पुत्र हैं।

उस पर दंड की आज्ञा नही।




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